बेलखेड़ा थाना विवाद: युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, शव रखकर किया चक्काजाम
जबलपुर। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र में एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने युवक का शव थाने के सामने रखकर प्रदर्शन किया तथा पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल युवक को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के बजाय पुलिस ने उसे घंटों थाने में बैठाए रखा, जिसके कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुआ था युवक
जानकारी के अनुसार ग्राम पिपरिया कलां निवासी उमेश उर्फ इंदर का मंगलवार शाम गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया था। विवाद के दौरान उस पर कथित रूप से धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई।
घटना के बाद परिजन घायल अवस्था में उमेश को बेलखेड़ा थाने लेकर पहुंचे। आरोप है कि उस समय उसकी स्थिति गंभीर थी, लेकिन तत्काल चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
इलाज में देरी का आरोप
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि घायल युवक को अस्पताल भेजने के बजाय लंबे समय तक थाने में रखा गया। इस दौरान उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही और उसे खून की उल्टियां होने लगीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक की हालत नाजुक होने के बावजूद समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। बाद में जब उसकी स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई, तब उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां बुधवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
मौत की खबर मिलते ही क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन थाने के बाहर एकत्रित हो गए और शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीओपी लोकेश डाबर को सौंपी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विधायक का नाम आने पर दिया स्पष्टीकरण
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी रही कि स्थानीय विधायक नीरज सिंह ठाकुर के कहने पर युवक को थाने में रोका गया था। हालांकि विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने उल्टा घायल युवक की सहायता की थी और पुलिस को उसके सिर में गंभीर चोट को देखते हुए हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की सलाह दी थी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


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