संगीत संकल्प के नए सत्र का शुभारंभ,
गुरुत्रय को स्वरांजलि अर्पित
जबलपुर, 14 जून। संगीत संकल्प जबलपुर एवं गुरुत्रय स्मृति समारोह के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को संगीत संकल्प के शैक्षणिक सत्र 2026-27 का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में संगीत जगत के वरिष्ठ कलाकारों, शिष्यों एवं संगीत प्रेमियों ने सहभागिता कर गुरु परंपरा को नमन किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. माणिक पांसे ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा गुरुत्रय पंडित सुरेश ताम्हणकर, पंडित मधुकर राव पाठक एवं पंडित शारदा प्रसाद भट्ट के चित्रों पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने तीनों महान संगीत गुरुओं के योगदान को याद करते हुए उनके संगीत समर्पण की सराहना की तथा उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के लिए शिष्यों को बधाई दी।
स्वरांजलि कार्यक्रम की शुरुआत वैशाली चांदोरकर ने राग यमन में छोटा ख्याल एवं बंदिश प्रस्तुत कर की। इसके बाद संध्या पाठक ने राग मधुकौंस में "अब तो प्रीत करी उनसों" तथा पंडित मधुकर राव पाठक रचित भजन "तुम मोरी राखो लाज हरि" की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रेखा पाटील ने राग मिश्र गारा में दादरा "पानी भरे रे जाय" प्रस्तुत कर गुरुजनों के प्रति अपनी संगीत श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं पंडित अमित दुबे ने राग बागेश्री में बड़ा एवं छोटा ख्याल प्रस्तुत कर शास्त्रीय संगीत में अपनी गहरी साधना का परिचय दिया। कलाकारों को तबले पर प्रद्युम्न कायंदे ने प्रभावशाली संगत प्रदान की।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में रायपुर से आमंत्रित युवा शास्त्रीय गायिका सुश्री गार्गी काले ने राग मारुबिहाग में बड़ा ख्याल "अब मैं यूं ही जानूं पहचानूं" तथा छोटा ख्याल "मोरे नैनवा तरस गए रे" की उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने राग धनकोनी कल्याण में "देख चंदा नभ निकस आयो" प्रस्तुत कर भरपूर सराहना प्राप्त की। इस दौरान हार्मोनियम पर श्रीपद कायंदे एवं तबले पर सूर्याक्ष शर्मा ने प्रभावी संगत कर कार्यक्रम को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
समारोह में श्रीमती साधना उपाध्याय, सुरेश मुंजे, प्रदीप रानाडे, सुरेश पाठक, कृष्णा पाटिल सहित संगीत संकल्प के सदस्य एवं बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।
संगीत संकल्प जबलपुर, गुरुत्रय स्मृति समारोह, शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम, डॉ माणिक पांसे, गार्गी काले, पंडित अमित दुबे, जबलपुर सांस्कृतिक समाचार, संगीत संकल्प 2026-27।


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें