एमपी में कमजोर पड़ा मानसून - HIND KRANTI MEDIA

HIND KRANTI MEDIA

Hind Kranti Media - भारत का विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल है। यहां राजनीति, शिक्षा, खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य, व्यापार और देश-दुनिया की ताज़ा खबरें प्रकाशित की जाती हैं।..............................

Breaking News

Home Top Ad

Post Top Ad

गुरुवार, 18 जून 2026

एमपी में कमजोर पड़ा मानसून

 एमपी में कमजोर पड़ा मानसून, 
किसानों की बढ़ी परेशानी; 13 जिलों में बेहद कम बारिश


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रदेश के 13 जिलों में आधा इंच से भी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खरीफ फसलों की बोवनी प्रभावित हो रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून के 22 से 24 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। फिलहाल मानसून पश्चिमी तट पर धीमी गति से आगे बढ़ रहा है और अभी तक मुंबई भी नहीं पहुंच पाया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी तीन दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी और हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है। वहीं जून माह में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण कृषि कार्यों पर असर पड़ रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 से 17 जून के बीच मध्य प्रदेश में औसतन 41.6 मिमी वर्षा दर्ज होती है, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल 26 मिमी (लगभग 1 इंच) बारिश हुई है। इस प्रकार प्रदेश में सामान्य से करीब 37 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खरीफ फसलों जैसे सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी आवश्यक है। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ ने बताया कि किसानों को कम से कम 4 इंच बारिश होने के बाद ही बोवनी करनी चाहिए, ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहे और बीजों का अंकुरण बेहतर हो सके।

समय से पहले बोवनी करने वाले किसानों की बढ़ी चिंता

मानसून के जल्द आने की उम्मीद में कई किसानों ने सोयाबीन की बुवाई शुरू कर दी थी। लेकिन लगातार बारिश नहीं होने के कारण बीजों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। यदि जल्द पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बोवनी करनी पड़ सकती है, जिससे लागत भी बढ़ेगी। हालांकि जिन किसानों के पास सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध है, उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।

इन जिलों में सबसे कम बारिश

आलीराजपुर जिले में अब तक बारिश दर्ज नहीं की गई है। इसके अलावा बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन में 12.5 मिमी (आधा इंच) से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

वहीं राजधानी भोपाल प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां 91.9 मिमी (साढ़े तीन इंच से अधिक) वर्षा दर्ज की गई है। आगर-मालवा, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी जिलों में 1 से ढाई इंच तक बारिश हुई है, लेकिन कृषि विशेषज्ञ इसे भी बोवनी के लिए पर्याप्त नहीं मान रहे हैं।

SEO Keywords : MP Rain News, Madhya Pradesh Monsoon 2026, MP Weather Update, Kharif Crop Sowing, Soybean Farming MP, Madhya Pradesh Farmers News, Monsoon Delay in MP, MP Rainfall Report, Agriculture News MP.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Bottom Ad