मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर रोक से कांग्रेस में उत्साह,
हरदा में भूख हड़ताल को मिली बड़ी सफलता
हरदा। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जिस नामांकन को पहले निरस्त किए जाने की खबर सामने आई थी, उस पर अब रोक लग गई है। इस निर्णय को कांग्रेस पार्टी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और लोकतांत्रिक जीत के रूप में देख रही है। प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल है।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस द्वारा पूरे मध्यप्रदेश में विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल का आयोजन किया गया था। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप था कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसी के विरोध में विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन और सांकेतिक भूख हड़तालें आयोजित की गईं।
हरदा जिले में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार तरीके से आंदोलन किया। यहां आयोजित भूख हड़ताल और धरने में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग उठाई।
धरना स्थल पर हरदा से कांग्रेस विधायक आर.के. दोगने, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और कांग्रेस हमेशा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन मामले में आया यह फैसला सत्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है। वहीं आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं ने इसे जनता की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम बताया।
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष शेख नईम ने कहा कि प्रदेशभर में किए गए आंदोलन और भूख हड़ताल ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता भविष्य में भी लोकतंत्र और जनहित के मुद्दों पर इसी तरह मजबूती से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।


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