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शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन खत्म किया, सरकार ने दिया भरोसा

 सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन खत्म किया, 
सरकार ने दिया भरोसा

मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद आमरण अनशन समाप्त किया

परिचय

शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार (24 जुलाई) को अपना 26 दिनों से जारी आमरण अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उपवास तोड़ा।

वांगचुक NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। हाल के दिनों में केंद्र सरकार और उनके बीच कई दौर की बातचीत हुई, जिसके बाद गतिरोध समाप्त हुआ।

क्या है पूरा मामला?

सोनम वांगचुक ने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आमरण अनशन शुरू किया था। यह अनशन लगातार 26 दिनों तक चला।

केंद्र सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत के बाद सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों, युवाओं तथा 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इसके बाद शुक्रवार को मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने उन्हें पेय पदार्थ पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो और 'लेह एपेक्स बॉडी' के वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने कहा कि वह अपना उपवास समाप्त करके आभारी और खुश हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि संभावित हिंसा की आशंका को टालने और लंबे विचार-विमर्श के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है।

वांगचुक ने यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने व्यक्तिगत रूप से मिलकर या पत्र लिखकर उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था।


मुख्य तथ्य

• अनशन की अवधि: 26 दिन

• स्थान: मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम

• मौजूद रहे: जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह

• प्रमुख कारण: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक का विरोध

• सरकार का आश्वासन: प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी।


किस पर पड़ेगा असर?

यह मामला NEET-UG 2026 परीक्षा और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों से संबंधित है। सरकार के आश्वासन के बाद प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। आगे की स्थिति संबंधित सरकारी निर्णयों और जांच प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।


महत्वपूर्ण जानकारी

सरकार और सोनम वांगचुक के बीच कई दौर की बातचीत के बाद अनशन समाप्त हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की मौजूदगी में उपवास तुड़वाया गया। वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने फैसले की जानकारी साझा की।


निष्कर्ष

26 दिनों तक चले आमरण अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने सरकार के आश्वासन के आधार पर अपना उपवास समाप्त कर दिया। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया है। फिलहाल यह घटनाक्रम बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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