गोविंदराम सेकसरिया कॉलेज में साइबर
सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित
डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जागरूकता सबसे प्रभावी सुरक्षा मानी जाती है। इसी उद्देश्य से जबलपुर के गोविंदराम सेकसरिया अर्थ एवं वाणिज्य महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी।
क्या है पूरा मामला
गोविंदराम सेकसरिया अर्थ एवं वाणिज्य महाविद्यालय, जबलपुर में मध्यप्रदेश शासन तथा मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना था।
घटना का पूरा विवरण
कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी श्री नीरज सिंह नेगी ने साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फेक प्रोफाइल, लॉटरी स्कैम, हनी ट्रैप, जॉब फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट सहित ऑनलाइन ठगी के कई तरीकों को उदाहरण सहित समझाया और इनसे बचाव के उपाय बताए।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं डीएसपी श्री अंजुल मयंक मिश्रा ने साइबर सुरक्षा में जागरूकता की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सतर्क रहने की सलाह दी।
मुख्य तथ्य
शिक्षामंडल मध्यप्रदेश शाखा के प्रबंध मंत्री डॉ. अमरेन्द्र पांडे ने विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए विद्यार्थियों को जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भविष्य में साइबर सुरक्षा से जुड़े शैक्षणिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर भी विचार साझा किए।
शिक्षामंडल मध्यप्रदेश शाखा, जबलपुर के अध्यक्ष एवं मुंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश माननीय श्री सत्यरंजन धर्माधिकारी ने इंटरनेट और सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
किस पर पड़ेगा असर
इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों में साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ेगी। साथ ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को अपनाने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार होगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सही जानकारी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क रहना चाहिए।
महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने भाग लिया। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। सफल आयोजन में सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) जबलपुर की अध्यक्ष डॉ. ऋचा शर्मा का विशेष आभार व्यक्त किया गया।
निष्कर्ष
साइबर अपराधों के लगातार बदलते स्वरूप को देखते हुए इस तरह की जागरूकता कार्यशालाएं समय की आवश्यकता हैं। महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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