नर्मदा में दोस्ती की मिसाल बनी कुर्बानी: ध्रुव को बचाने कूदा सागर, दोनों की दर्दनाक मौत
जबलपुर। नर्मदा नदी के सिलुआ घाट पर रविवार का दिन दो परिवारों के लिए ऐसी त्रासदी बन गया, जिसे वे शायद कभी भूल नहीं पाएंगे। गर्मी से राहत पाने और दोस्तों के साथ छुट्टी का आनंद लेने पहुंचे पांच युवकों के समूह में शामिल दो घनिष्ठ मित्र नदी के तेज बहाव की भेंट चढ़ गए। एक दोस्त को बचाने के लिए दूसरे ने अपनी जान की परवाह नहीं की, लेकिन अंततः दोनों की मौत हो गई।
नहाने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, ग्राम चौखड़ा निवासी पांच दोस्त रविवार सुबह सिलुआ घाट पहुंचे थे। नदी में नहाने और मौज-मस्ती के दौरान 19 वर्षीय ध्रुव पटेल अचानक गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह तेज बहाव और भंवर की चपेट में आ गया। ध्रुव को संघर्ष करते देख उसके साथ मौजूद 17 वर्षीय सागर पटेल बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सागर ने अपने दोस्त तक पहुंचने की पूरी कोशिश की, लेकिन नदी की गहराई और तेज धारा के आगे वह भी खुद को संभाल नहीं सका। कुछ ही क्षणों में दोनों युवक पानी में लापता हो गए। यह दृश्य देखकर घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और साथियों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही गौर चौकी प्रभारी नितिन पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय मल्लाहों और ग्रामीणों ने तत्काल तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।
नर्मदा के तेज बहाव, गहराई और पानी के भीतर मौजूद चट्टानों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने घटनास्थल से लगभग 50 मीटर दूर पत्थरों के बीच फंसे दोनों युवकों के शव बरामद किए।
मातम में बदली खुशियों की पिकनिक
सुबह जो दोस्त हंसी-खुशी पिकनिक मनाने निकले थे, शाम होते-होते वही सफर मातम में बदल गया। घटना की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। लोगों के बीच सागर की बहादुरी और अपने दोस्त को बचाने के लिए किए गए साहसिक प्रयास की चर्चा हो रही है।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि बरसात के मौसम और तेज बहाव के दौरान नदी के गहरे हिस्सों में जाने से बचें।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें