जबलपुर में जलापूर्ति, सफाई और स्ट्रीट लाइट
व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश
जबलपुर शहर में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने तैयारियों को और तेज करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जलापूर्ति, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और फायर सेफ्टी से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में अधिकारियों से स्पष्ट कहा गया कि योजनाओं का असर कागजों पर नहीं बल्कि शहर की सड़कों और वार्डों में दिखाई देना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
नगर निगम कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने सभी विभागीय अधिकारियों और प्रमुखों के साथ शहर की आवश्यक नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जलापूर्ति, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और फायर सेफ्टी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना था।
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
घटना/घोषणा की मुख्य बातें
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से सुबह और शाम फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करें। उनका कहना था कि अधिकारी स्वयं मौके पर मौजूद रहेंगे तो कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा।
उन्होंने शहर के प्रत्येक क्षेत्र में बिना किसी बाधा के शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।
साथ ही वार्डों और मुख्य मार्गों पर नियमित सफाई, प्रभावी कचरा प्रबंधन तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
निगमायुक्त ने आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम और उपकरणों को हर समय अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए।
इसके अलावा शहर में जहां भी स्ट्रीट लाइट बंद हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुधारने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए ताकि किसी भी क्षेत्र में अंधेरा न रहे।
बैठक में अपर आयुक्त वी. एन. बाजपेई, अशफाक परवेज कुरैशी, सौरभ मिश्रा, श्रीमती अंजू सिंह सहित नगर निगम के सभी उपायुक्त, सहायक आयुक्त एवं विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे।
किस पर पड़ेगा असर?
नगर निगम के इन निर्देशों का सीधा लाभ जबलपुर शहर के नागरिकों को मिलने की उम्मीद है। यदि सभी विभाग तय समय पर कार्यों को पूरा करते हैं तो लोगों को बेहतर पेयजल, स्वच्छ वातावरण, सुचारु प्रकाश व्यवस्था और अधिक सुरक्षित शहरी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
अधिकारियों की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से नागरिकों की शिकायतों का समाधान भी पहले की तुलना में अधिक तेजी से होने की संभावना है।
स्रोत: आधिकारिक जानकारी / प्रेस विज्ञप्ति / संबंधित विभाग द्वारा जारी सूचना।


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